
गुरुग्राम की बद्दतर सफाई व्यवस्था ने शासन-प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। पिछले कई सालो से गंदगी मे डूबे गुरुग्राम के सफाई के लिए एमसीजी ने अब एनजीओ और आम जनता का साथ मांगा है। साकार, नेताओ और बड़े अधिकारियों ने बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर कई बड़े-बड़े दावे तो किए पर हर जगह ये नाकाम साबित रहे। ज़िम्मेवार अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही का दावा भी किया पर ऐसी कोई कार्यवाही जमीनी स्तर पर गुरुग्राम वासियों को नज़र नहीं आई।
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से गुरुग्राम की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में हरियाणा शहर स्वच्छता अभियान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी संस्थाओं से इसमें सक्रिय सहयोग का आह्वान किया गया। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और रविन्द्र यादव भी मौजूद रहे।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यवहार और आदतों से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी मिलकर नागरिकों को जागरूक करें और स्वयं आदर्श प्रस्तुत करें, तभी गुरुग्राम को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकेगी।
हर माह होंगे विशेष जागरूकता कार्यक्रम
बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम प्रत्येक माह दो दिन विशेष स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों में निगम के अधिकारी-कर्मचारी, एनजीओ प्रतिनिधि और स्वयंसेवक मिलकर न केवल अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाएंगे, बल्कि नागरिकों को पॉलीथीन और सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, कचरे का पृथक्करण करने और पर्यावरण संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए भी प्रेरित करेंगे।
7 सितंबर को मेगा स्वच्छता ड्राइव
निगमायुक्त ने बैठक में बताया कि 7 सितंबर को एक मेगा स्वच्छता ड्राइव आयोजित की जाएगी। इस अभियान में सभी एनजीओ और स्वयंसेवी संस्थाओं से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया। उन्होंने कहा कि यह ड्राइव गुरुग्राम को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की श्रेणी में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
इस अवसर पर स्वास्तिक फाउंडेशन, कपड़ा थैला बैंक, कलर कोड फाउंडेशन, अघोर सेवा संस्थान, यूथ क्लब, सीडी संकल्प, युवा एकता इंडिया, एक उड़ान, ऑल स्किल्स एंड रिसर्च, बुलंद आवाज वेलफेयर सोसायटी, आईपीसीए, यूनाइटेड वे दिल्ली और असमी फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के लगभग 50 प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
नागरिक सहयोग जरूरी
बैठक में एनजीओ प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर निगम और सामाजिक संस्थाएं केवल तभी सफल होंगी जब नागरिक इसमें जिम्मेदारी से सहयोग करेंगे। स्वच्छ गुरुग्राम का सपना तभी साकार होगा, जब यह अभियान सरकार का नहीं, जनता का अभियान बन जाएगा।