Wednesday, May 12, 2021
37 C
Delhi

12,351 करोड़ रुपये का अनुदान ग्रामीण निकायों को जारी

Must read

जीवन यापन के लिए 70 साल की बुजुर्ग महिला कोविड काल में फल बेचने को मजबूर

आज के समय में जहां कोरॉना की दूसरी लहर अपने रौद्र रूप में सभी आंकड़ों चाहे वो संक्रमण के हों या मृत्यु...

गढ़वाल सभा के संस्थापक सदस्य राम चंद्र शास्त्री का निधन

        गढ़वाल सभा रजि गुड़गांव के संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष  हेमन्त बहुखण्डीं जी के पिता व अध्यापक राम चन्द्र शास्त्री जी का लंबे समय...

बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन

नोमोश्कार !बांग्लादेश के राष्ट्रपतिअब्दुल हामिद जी,प्रधानमन्त्रीशेख हसीना जी, आप सभी का ये स्नेह मेरे जीवन के अनमोल पलों में से एक...

स्वतंत्रता के इतिहास में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के योगदान को शब्दों में वर्णित करना असंभव – मोहित मदनलाल ग्रोवर

गुरुग्राम : "स्वतंत्रता के इतिहास में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की वीरता व योगदान को शब्दों में वर्णित करना असंभव...

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 18 राज्यों के ग्रामीण निकायों को 12,351.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह राशि वित्त वर्ष 2020-21 में जारी किए गए मूलभूत अनुदानों की दूसरी किस्त है।

यह अनुदान, उन 18 राज्यों को जारी किया गया है जिन्होंने पंचायती राज मंत्रालय की सिफारिश पर पहली किस्त के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया है।

ग्रामीण निकायों को 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर अनुदान जारी किया जाता है। इसके तहत स्थानीय निकायों को सामुदायिक संपत्ति विकसित करने और उनकी वित्तीय क्षमता में सुधार जैसे कदम उठाने पड़ते हैं। यह अनुदान पंचायती राज प्रणाली के तीन स्तर (गांव, ब्लॉक और जिले) पर दिए जाते हैं। जिसके जरिए वह गांव और ब्लॉक स्तर पर संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं।

पंद्रहवे वित्त आयोग ने दो प्रकार से ग्रामीण निकायों को अनुदानों देने की सिफारिश की है। जिसमें मूलभूत और अनुबंध के आधार पर दिए जाने वाले अनुदान शामिल हैं। मूलभूत अनुदान को स्थानीय निकायों द्वारा अपनी स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जाता है। हालांकि इसके तहत निकाय वेतन और निर्माण संबंधी जरूरतों के लिए अनुदान का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। जबकि अनुबंधित अनुदान का इस्तेमाल मूलभूत सुविधाओं (क) सफाई और खुले में शौच मुक्त सुविधाओं के मरम्मत (ख) वर्षा जल के संरक्षण और पानी को पीने योग्य बनाने आदि सें संबंधित कार्यों के लिए दिया जाता है।

ग्रामीण निकायों को दिया जाने वाला यह अनुदान केंद्र और राज्य द्वारा स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन जैसी प्रायोजित योजनाओं के तहत दी जाने वाली राशि से अलग होता है।वित्त आयोग की सिफारिशों पर दी जाने वाली इस राशि को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीण निकायों को 10 दिन के अंदर, राज्यों को अनुदान की राशि देनी पड़ती है। और इसमें किसी भी तरह की देरी पर उन्हें ब्याज के साथ अनुदान को देना पड़ता है।

इससे पहले, ग्रामीण निकायों को मूल अनुदानों के तहत पहली किस्त और 14 वें वित्त आयोग की बकाया 18,199 करोड़ रु, सभी राज्यों को जून, 2020 में जारी किया गया था। इसके बाद, अनुबंधित अनुदान के तहत15,187.50 करोड़ रुपये की राशि की पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है।  इस प्रकार, सभी राज्यों के ग्रामीण निकायों को राज्यों के व्यय विभाग द्वारा कुल 45,738 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। अब तक जारी अनुदानों की राज्यों के आधार पर सूची निम्नलिखित है..।

राज्यों के आधार पर ग्रामीण निकायों को 2020-21 में दी गई अनुदान राशि

क्रमसंख्याराज्यग्रमीण निकायों को दी गुई कुल अनुदान राशि
1.आंध्र प्रदेश3137.03
2.अरूणाचल प्रदेश418.80
3.असम802.00
4.बिहार3763.50
5.छत्तीसगढ़1090.50
6.गोआ37.50
7.गुजरात2396.25
8.हरियाणा948.00
9.हिमाचल प्रदेश321.75
10.झारखंड1266.75
11.कर्नाटक2412.75
12.केरल1221.00
13.मध्य प्रदेश2988.00
14.महाराष्ट्र4370.25
15.मणिपुर88.50
16.मेघालय91.00
17.मिजोरम46.50
18.नागालैंड62.50
19.ओडीशा1693.50
20.पंजाब2233.91
21.राजस्थान1931.00
22.सिक्किम31.50
23.तमिलनाडु1803.50
24.तेलंगाना1385.25
25.त्रिपुरा143.25
26.उत्तर प्रदेश7314.00
27.उत्तराखंड430.50
28.पश्चिम बंगाल3309.00
 कुल45737.99
- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article

जीवन यापन के लिए 70 साल की बुजुर्ग महिला कोविड काल में फल बेचने को मजबूर

आज के समय में जहां कोरॉना की दूसरी लहर अपने रौद्र रूप में सभी आंकड़ों चाहे वो संक्रमण के हों या मृत्यु...

गढ़वाल सभा के संस्थापक सदस्य राम चंद्र शास्त्री का निधन

        गढ़वाल सभा रजि गुड़गांव के संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष  हेमन्त बहुखण्डीं जी के पिता व अध्यापक राम चन्द्र शास्त्री जी का लंबे समय...

बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन

नोमोश्कार !बांग्लादेश के राष्ट्रपतिअब्दुल हामिद जी,प्रधानमन्त्रीशेख हसीना जी, आप सभी का ये स्नेह मेरे जीवन के अनमोल पलों में से एक...

स्वतंत्रता के इतिहास में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के योगदान को शब्दों में वर्णित करना असंभव – मोहित मदनलाल ग्रोवर

गुरुग्राम : "स्वतंत्रता के इतिहास में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की वीरता व योगदान को शब्दों में वर्णित करना असंभव...

सिक्किम को फिल्मों के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल राज्य का पुरस्कार

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के निर्णायक मंडल (ज्युरी) ने सोमवार को वर्ष 2019 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की। पुरस्कारों की घोषणा से पहले...