Wednesday, May 12, 2021
34 C
Delhi

कैबिनेट ने सीजन 2021 के लिए कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी

Must read

जीवन यापन के लिए 70 साल की बुजुर्ग महिला कोविड काल में फल बेचने को मजबूर

आज के समय में जहां कोरॉना की दूसरी लहर अपने रौद्र रूप में सभी आंकड़ों चाहे वो संक्रमण के हों या मृत्यु...

गढ़वाल सभा के संस्थापक सदस्य राम चंद्र शास्त्री का निधन

        गढ़वाल सभा रजि गुड़गांव के संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष  हेमन्त बहुखण्डीं जी के पिता व अध्यापक राम चन्द्र शास्त्री जी का लंबे समय...

बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन

नोमोश्कार !बांग्लादेश के राष्ट्रपतिअब्दुल हामिद जी,प्रधानमन्त्रीशेख हसीना जी, आप सभी का ये स्नेह मेरे जीवन के अनमोल पलों में से एक...

स्वतंत्रता के इतिहास में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के योगदान को शब्दों में वर्णित करना असंभव – मोहित मदनलाल ग्रोवर

गुरुग्राम : "स्वतंत्रता के इतिहास में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की वीरता व योगदान को शब्दों में वर्णित करना असंभव...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2021 सीजन के लिए कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी है।

पिसाई (मिलिंग) के लिए उपयुक्त उत्तम औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) वाले कोपरे के एमएसपी में 375 रुपये की वृद्धि की गयी है, जो 2020 के 9960 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2021 सीजन के लिए 10335 रुपये प्रति क्विंटल हो गयाहै। गोल कोपरे के एमएसपी में भी 300 रुपये की वृद्धि की गयी है, जो 2020 के 10300 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2021 सीजन के लिए 10600 रुपये प्रति क्विंटल हो गयाहै। घोषित मूल्य, उत्पादन के अखिल भारतीय औसत लागत की तुलना में पिसाई वाले कोपरे के लिए 51.87 प्रतिशत और गोल कोपरे के लिए 55.76 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित करते हैं।

यह मंजूरी, कृषि लागत और मूल्य (सीएसीपी) आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।

2021 सीजन के लिएकोपरे के एमएसपी में वृद्धि, एमएसपी को उत्पादन के अखिल भारतीय औसत लागत के 1.5 गुणे पर निर्धारित करने के सिद्धांत के अनुरूप है, जिसकी सरकार ने 2018-19 के बजट में घोषणा की थी।

2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में न्यूनतम 50 प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदमहै।

नारियल का उत्पादन करने वाले राज्यों में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघलिमिटेड (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारीउपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) एमएसपीक्रियान्वन के लिए केन्द्रीय नोडल एजेंसियों के रूप में कार्य करते रहेंगे।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article

जीवन यापन के लिए 70 साल की बुजुर्ग महिला कोविड काल में फल बेचने को मजबूर

आज के समय में जहां कोरॉना की दूसरी लहर अपने रौद्र रूप में सभी आंकड़ों चाहे वो संक्रमण के हों या मृत्यु...

गढ़वाल सभा के संस्थापक सदस्य राम चंद्र शास्त्री का निधन

        गढ़वाल सभा रजि गुड़गांव के संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष  हेमन्त बहुखण्डीं जी के पिता व अध्यापक राम चन्द्र शास्त्री जी का लंबे समय...

बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन

नोमोश्कार !बांग्लादेश के राष्ट्रपतिअब्दुल हामिद जी,प्रधानमन्त्रीशेख हसीना जी, आप सभी का ये स्नेह मेरे जीवन के अनमोल पलों में से एक...

स्वतंत्रता के इतिहास में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के योगदान को शब्दों में वर्णित करना असंभव – मोहित मदनलाल ग्रोवर

गुरुग्राम : "स्वतंत्रता के इतिहास में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की वीरता व योगदान को शब्दों में वर्णित करना असंभव...

सिक्किम को फिल्मों के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल राज्य का पुरस्कार

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के निर्णायक मंडल (ज्युरी) ने सोमवार को वर्ष 2019 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की। पुरस्कारों की घोषणा से पहले...