एनसीआर को केएमपी वेस्टर्न पैरीफैरल वे की सौगात, प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन

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गुरुग्राम (सुल्तानपुर): प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणावासियों को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी), जिसे वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे भी कहा जाता है, समर्पित किया। इस पर कुल 6434 करोड़ रूपए की लागत आई है।
इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 136.65 किलोमीटर है और इसको लिए भूमि अधिग्रहण की लागत लगभग 2788 करोड़ रुपये है। इसके बनने से दिल्ली के दोनों ओर केएमपी व केजीपी एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा हो गया है।
उल्लेखनीय है कि केएमपी को पूर्ण करने की तिथि का लक्ष्य 20 फरवरी, 2019 रखा गया था लेकिन इसे अपने निर्धारित समय से पहले तैयार कर लिया गया है। केएमपी एक्सप्रेस-वे पर सफर को सुगम बनाने का और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखते हुए विभिन्न प्रावधान किये गए है। जैसे कि वेटिवर ग्रासिंग की गई है जो प्रदूषण को कम करने में ज्यादा सहायक होती हैं और यह कार्बन कणों को जल्दी सोखती है। केएमपी पर यात्रा सुुगम होने के साथ-साथ वाहनों से होने वाले शोर को कम करने का भी प्रयास किया गया है। केएमपी पर हरियाणा की संस्कृति को प्रदर्शित करती मूर्तियों को लगाया गया है जिनमें भगवद गीता, योग इत्यादि से जुड़े विषय पर शामिल हैं।

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एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा के पास एक डिजिटल गैलरी भी तैयार की गई है, जिसमें इस परियोजना के विकास पर तैयार किये गए 3डी हाॅलोग्राफिक माॅडल्स रखे गए हैं। वहीं, केएमपी पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए ट्रामा सेंटर, पुलिस गश्त वाहन एवं एम्बूलेंस का भी प्रावधान किया गया है। इस मार्ग पर हर 14 किलोर्मीटर पर एंबुलेस और रिकवरी वैन उपलब्ध होगी तथा इसे ग्रीन काॅरीडोर के रुप में विकसित किया गया है। इस एक्सप्रेस-वे को 200 इंजीनियर और 2500 श्रमिकों की कड़ी मेहनत द्वारा तैयार किया गया है।
केएमपी के तैयार होने से दिल्ली के लोगों को प्रदूषण और भारी वाहनों के आवागमन से राहत मिलेगी और दिल्ली में यातायात की जाम की समस्या कम होगी। केएमपी के बनने से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर व अन्य राज्यों से आने वाले अन्य वाहनों को अन्य राज्य में जाने के लिए दिल्ली में नहीं जाना पडेगा और वे केएमपी का प्रयोग करके अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सकते हैं।

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