खोखले वायदों व झूठी घोषणाओं की वजह से एक बार फिर शर्मशार हुआ गुड़गांव – गोपीचन्द गहलोत

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गोपीचन्द गहलोत

विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाये हुए साईबर सिटी गुड़गांव एक बार िफर जल भराव व जाम के कारण सुर्खीयों में हैं जिससे देश ही नहीं अपितू विश्व स्तर पर गुड़गांव की बदनामी हुई है। उक्त शब्द इंडियन नैशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता एंव पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचन्द गहलोत ने प्रैस के नाम जारी अपने बयान में कहे। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में कुल रेवेन्यू का 50 प्रतिशत से ज्यादा रेवेन्यू देने वाले गुड़गंांव की हालत एक बार फिर इस निक्कमी सरकार की गलत नीतियों व अदूरदर्शिता का परिणाम है। श्री गहलोत ने कहा कि 2 वर्ष पहले 29 जुलाई 2016 को भी बारीश के कारण गुड़गांव में लगे महाजाम से विश्व स्तर पर गुड़गांव की थू थू हुई थी परन्तु इस सरकार के कानों तले जूं तक नहीं रेंगी, परिणाम स्वरूप आज एक बार फिर गुड़गांव जल मग्न हुआ। श्री गहलोत ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि इस महाजाम के कारण कितने बच्चे स्कूल नहीं जा पाये जिससे उनके अभिभावक पूरा दिन बेहत चिन्तित व परेशान थे, कितने नौकरी पैसे वाले अपने ऑफिस नहीं जा पाये उनकी रोजी रोटी के बारे में सरकार का उचित दायित्व क्या है सभी सरकारी व गैस सरकारी कार्यालयों की छुटटी करनी पड़ी जिससे गुड़गांव के विकास पर कितना असर पड़ा, हजारों वाहन मीलों लम्बे जाम में घण्टों खड़े रहे इन सभी बातों का हरियाणा की बीजेपी सरकार जवाब दें। श्री गहलोत ने कहा कि सरकार के ढुलमुल रवैये तथा लापरवाही के कारण लगभग 1005 करोड़ रूपया विकास के नाम पर स्वाह करने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। हीरो होण्डा फलाई ओवर के निर्माण के कुछ ही महीने बाद उसमें छेद होना सरकार के निर्माण कार्य पर सवालिया निशान लगाता है। पिछले 1 साल से गुड़गांव में बने इन 3 अण्डरपास पर सरकार वाह वाही लूटने का काम कर रही थी जबकि 2 घण्टे की बारीश से ये अण्डरपास स्वीमिंग पुल का रूप धारण कर गये जिसमें 10 फुट से अधिक पानी भर गया। इस घटना ने गुड़गांव सीवर, ड्रेनेज सिस्टम के साथ साथ विकास के दावों की पोल खोल के रख दी। श्री गहलोत ने उक्त सभी मामलों पर एक निष्पक्ष कमेटी द्वारा उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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