भारत है भ्रष्टाचार का अक्षयपात्र!

विवेक सक्सेना                 सच कहूं कि जब नीरव मोदी के घोटाले की खबर सुनी तो उसे जानने में अपनी...

लिव इन रिलेशन

रेनू श्रीवास्तव           लिव इन रिलेशन... इसको समझने से पहले आइये पहले हम इसका मतलब समझ ले।  इसका मतलब यह  है की कोई भी दो...

भारत में अभी भी पकौड़े और चाय में बहुत स्कोप है साहब

  डॉ नीलम महेंद्र डॉ नीलम महेंद्र "साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार सार को गहि रहै थोथा दे उड़ाय।। " कबीर दास जी भले ही यह...

जजों की बगावत से बदलाव की उम्मीद!

(अजित द्विवेदी) सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने बागी तेवर दिखाए। चीफ जस्टिस के कामकाज को लेकर मीडिया में जाकर सवाल उठाए। पर सवाल है...

गंगा की चिन्ता कैसे और क्या अर्थ?

(शंकर शरण) नेता लोग चुनाव जीतने के लिए कटिबद्धता से हर उपाय करते हैं। उसी तरह अफसर पोस्टिंग या तरक्की के लिए हर बाधा दूर...

भटका हुआ है विकास का मॉडल

(ललित गर्ग) आम आदमी के आर्थिक स्तर को ऊपर उठाने के हमारे आजाद भारत के संकल्प को मंजिल तक पहुंचाने में अब तक की सभी...

अंतरराष्ट्रीय समस्याएं अब हल नहीं होतीं

चंद्रभूषण उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइली और एटमी परीक्षणों का एक नतीजा यह निकला कि दुनिया का ध्यान अपने सामने मौजूद तीन बड़े टकरावों से...

सवाल तो द्रौपदियों पर ही उठाना चाहिए, सीताओं पर नहीं

(प्रणव प्रियदर्शी) बीजेपी के महासचिव राम माधव ने द्रौपदी को दुनिया की पहली फेमिनिस्ट (नारीवादी) कहा है। इसी हफ्ते एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि...

सामूहिकता की कमी से पैदा हुई तानाशाही

(संजय कुंदन) पिछले कुछ वर्षों से लगातार कहा जा रहा है कि भारतीय राजनीति में अधिनायकवादी प्रवृत्ति बढ़ रही है। वर्तमान केंद्र सरकार को कई...

जीवन से खिलवाड़ करती मिलावट की त्रासदी

(ललित गर्ग) मिलावट करने वालों को न तो कानून का भय है और न आम आदमी की जान की परवाह है। दुखद एवं विडम्बनापूर्ण तो...

तीखी बात

हेल्थ एंड ब्यूटी

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